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तेरा मजहब क्या है चांद
Written by -  मुकेश कुमार सिन्हा
Published by -  अभिधा प्रकाशन

मुकेश कुमार सिन्हा की कुछ कविताएं तेरा मजहब क्या है चांद !!! मुकेश कुमार सिन्हा क्या लिखूँ, कहाँ से शुरू करूँ, संशय में हूँ। दरअसल, यह मेरी पहली पुस्तक है। लाजिमी है मन का विचलित होना, संशय होना। थोक-भाव से मैंने कविताएँ लिखी हैं, लेकिन उन कविताओं को अब तक पुस्तकाकार नहीं दे पाया। कविताएँ यत्र-तत्र बिखरी पड़ी हैं। बचपन से लिख रहा हूँ और हर दिन अपनी भावनाओं को कागज पर उकेरता हूँ, उसे कई बार काटता हूँ, छांटता हूँ, तब जाकर मैं ‘अपनी बात’ मुकम्मल तौर पर कह पाता हूँ। ‘अपनी बात’ कह पाने में मैं कितना सफल हुआ हूँ, यह तो सुधी पाठक ही तय करेंगेे, लेकिन एक बात है कि मेरी कविताएँ मेरी आवाज हैं। जो मैं सोचता हूँ, जो मैं महसूस करता हूँ, उसे ही मैं कोरे कागज पर लिख डालता हूँ। मैं ईमानदारीपूर्वक यह स्वीकार कर रहा हूँ कि मेरी कविताओं में काव्य तत्व नहीं हैं, लेकिन कविताओं में दर्द है, बेचैनी हैं, छटपटाहट है। यह दर्द, यह बेचैनी और छटपटाहट केवल मेरी नहीं है। आप भी पढ़िएगा, तो महसूस कीजियेगा। यह केवल मेरी बात नहीं है, आपकी भी बात है, निस्संदेह! मैं विज्ञान का छात्र रहा हूँ, लेकिन साहित्य से सीधा जुड़ाव रहा है। मेरा परिवार साहित्य से दूर है।

तेरा मजहब क्या है चांद


Soft Copy 

ISBN : 978-93-87533




Mrp of Paperback : ₹ 150