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अजेय जुगरान की कहानियाँ प्रेम, सामाजिक संबंधों और मानवीय संवेदनाओं को बड़ी सुंदरता से चित्रित करती हैं। शुद्ध और प्रभावी भाषा में लिखी उनकी रचनाएँ दिल को छूने वाली हैं और संवेदनशील पाठकों को अवश्य पसंद आएँगी। — दिव्या माथुर जी, वरिष्ठ साहित्यकार, लंदन,यूनाइटेड किंगडम “हार उपहार” उन छोटे-छोटे जीवन-अभिलेखों का कहानी-संग्रह है, जिनमें घर, पहाड़, स्मृति, रिश्ते और बदलता समाज साथ-साथ दर्ज होते हैं। अजेय जुगरान साधारण मनुष्यों के सुख-दुःख में हमारे समय की सांस्कृतिक धड़कन सुनते हैं। उनकी कहानियाँ जीवन की विडंबनाओं को करुणा, विनोद और मानवीय ऊष्मा के साथ पाठक तक पहुँचाती हैं। — प्रोफेसर डॉ. मानवी सेठ, प्रो वाईस चांसलर, भारतीय धरोहर संस्थान, नई दिल्ली, भारत अजेय जी की कहानियों की सबसे बड़ी विशेषता उनकी आत्मीयता है। गंभीर सामाजिक विषयों पर लिखते हुए भी वे प्रेम, करुणा, व्यंग्य और मानवीयता के सहारे जीवन को सकारात्मक दृष्टि से देखते हैं। — डॉ. यूरी बोटविंकिन, लेखक-कवि, कीव, यूक्रेन